Wednesday, 3 September 2025

स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या अंतर है ?...

पहला अंतर


15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झंडे को नीचे से रस्सी द्वारा खींच कर ऊपर ले जाया जाता है, फिर खोल कर फहराया जाता है, जिसे *ध्वजारोहण कहा जाता है क्योंकि यह 15 अगस्त 1947 की ऐतिहासिक घटना को सम्मान देने हेतु किया जाता है जब प्रधानमंत्री जी ने ऐसा किया था। संविधान में इसे अंग्रेजी में Flag Hoisting (ध्वजारोहण) कहा जाता है।


जबकि


26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडा ऊपर ही बंधा रहता है, जिसे खोल कर फहराया जाता है, संविधान में इसे Flag Unfurling (झंडा फहराना) कहा जाता है।


दूसरा अंतर


15 अगस्त के दिन प्रधानमंत्री जो कि केंद्र सरकार के प्रमुख होते हैं वो ध्वजारोहण करते हैं, क्योंकि स्वतंत्रता के दिन भारत का संविधान लागू नहीं हुआ था और राष्ट्रपति जो कि राष्ट्र के संवैधानिक प्रमुख होते है, उन्होंने पदभार ग्रहण नहीं किया था। इस दिन शाम को राष्ट्रपति अपना सन्देश राष्ट्र के नाम देते हैं।


जबकि


26 जनवरी जो कि देश में संविधान लागू होने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, इस दिन संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं


तीसरा अंतर


स्वतंत्रता दिवस के दिन लाल किले से ध्वजारोहण किया जाता है।


जबकि


गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ पर झंडा फहराया जाता है।


🙏🙏


100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए....!!

   1. योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।

2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है ।

3. हाई वी पी में -  स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।

4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।

5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी ।

6. कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं 

7. दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी ।

8. सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी ।

9. सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें 

10. अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें ।

11. जम्भाई- शरीर में आक्सीजन की कमी ।

12. जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।

13. ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।

14. किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।

15. गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें,  लोटे का कम  सर्फेसटेन्स होता है ।

16. अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।

17. वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।

18. परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।

19. पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है । 

20. RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है ।

21. सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।

22. पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है । 

23. भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।

24. HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।

25. गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।

26. चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है । 

27. शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।

28. वात के असर में नींद कम आती है ।

29. कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।

30. कफ के असर में पढाई कम होती है ।31.  पित्त के असर में पढाई अधिक होती है ।

33. आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।

34. शाम को वात -नाशक चीजें खानी चाहिए 

35. प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए ।

36. सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।

37. व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।

38. भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।

39. जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।

40. निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास(लंघन) से बुखार शांत होता है ।

41. भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।

42. दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों , 

43. माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।

44. तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।

45.छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।

46. कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।

47.मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए ।

48.सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।

49. भोजन के पहले मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है । 

50.भोजन के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें । 

51. अवसाद में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है 

52. पीले केले में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।

53. छोटे केले में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।

54.रसौली की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।

55.  हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।

56. एंटी टिटनेस के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।

57. ऐसी चोट जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें । 

58. मोटे लोगों में कैल्शियम की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।

59. अस्थमा में नारियल दें । नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।

60. चूना बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है ।

61. दूध का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।

62. गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।

63. जिस भोजन में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए 

64. गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।

65. गाय के दूध में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है।

66.मासिक के दौरान वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे  गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।

67.रात में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।

68.भोजन के बाद बज्रासन में बैठने से वात नियंत्रित होता है ।

69.भोजन के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।

70.अजवाईन अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है 

71.अगर पेट में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें 

72. कब्ज होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए । 

73. रास्ता चलने, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए । 

74. जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है ।

75. बिना कैल्शियम की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।

76.स्वस्थ्य व्यक्ति सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।

77.भोजन करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।

78.सुबह के नाश्ते में फल , दोपहर को दही व रात्रि को दूध का सेवन करना चाहिए । 

79. रात्रि को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि । 

80. शौच और भोजन के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें । 

81.मासिक चक्र के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए । 

82. जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।

83. जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।

84.एलोपैथी ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है । 

85. खाने की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है । 

86 .रंगों द्वारा चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ..... अंत में लाल रंग । 

87 .छोटे बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए 

88. जो सूर्य निकलने के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है । 

89.बिना शरीर की गंदगी निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं ।

90. चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है ।

91.गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।

92. प्रसव के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती  है ।

93. रात को सोते समय सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा 

94. दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए।

95.जो अपने दुखों को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है । 

96.सोने से आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है । 

97.स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है। 

98 .तेज धूप में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है 

99. त्रिफला अमृत है जिससे वात, पित्त , कफ तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।  

100. इस विश्व की सबसे मँहगी दवा लार है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके।

केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण योजनाएं ...

1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ 22 जनवरी, 2015


2. नमामि गंगे योजना 7 जुलाई 2016


3. अग्निपथ योजना 14 जून, 2022


4. आयुषमान भारत योजना 23 सितंबर 2018


5. सुकन्या समृद्धि योजना 22 जनवरी 2015


6. धनलक्ष्मी योजना 3 मार्च 2008


7. जन धन योजना 28 अगस्त, 2014


8. कौशल भारत मिशन 28 अगस्त, 2014


9. मेक इन इंडिया 28 सितम्बर, 2014


10. मिशन स्वच्छ भारत 2 अक्टूबर, 2014


11. श्रमेव जयते योजना 16 अक्टूबर, 2014


12. PM मुद्रा योजना 8 अप्रैल, 2015


13. उजाला योजना 1 मई, 2015


14. PM सुरक्षा बीमा योजना 8 मई, 2015


15. कुल पेंशन योजना 9 मई, 2015


16. जीवन ज्योति बीमा योजना 9 मई, 2015


17. डिजिटल इंडिया मिशन 2 जुलाई, 2015


18. स्वर्ण मुद्रीकरण योजना 5 नवंबर, 2015


19. स्टार्ट अप इंडिया 16 जनवरी, 2016


20. सेतु भारतम योजना 4 मार्च 2016


21. PM उज्ज्वला योजना 1 मई, 2016

महापुरूषों के प्रमुख वचन व नारे...

1. जय जवान जय किसान

➺ लाल बहादुर शास्त्री 


2. करो या मरो 

➺ महात्मा गांधी 


3. जय हिंद 

➺ सुभाषचंद्र बोस 


4. पूर्ण स्वराज 

 ➺जवाहरलाल नेहरू 


5. हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान 

➺ भारतेंदू हरिशचंद्र 


6. वेदों की ओर लौटो

 ➺ दयानंद सरस्वती 


7. साइमन कमीशन वापस जाओ

 ➺ लाला लाजपत राय 


8. जय गण मन 

➺ रवींद्रनाथ टैगोर 


9. सम्राज्यवाद का नाश हो 

 ➺ भगत सिंह 


10. भारत छोड़ो

 ➺ महात्मा गांधी 


11. सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा 

 ➺ इकबाल 


12. दिल्ली चलो 

 ➺ सुभाषचंद्र बोस 


13. तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा

 ➺  सुभाषचंद्र बोस 


14. जय जगत

 ➺ विनोबा भावे 


15. कर मत दो 

 ➺ सरदार बल्लभभाई पटेल 


16. संपूर्ण क्रांति 

 ➺ जयप्रकाश नारायण 


17. हू लिव्स इफ इंडिया डाइज

 ➺  जवाहरलाल नेहरू 


18. वंदे मातरम् 

 ➺ बंकिमचंद्र चटर्जी 


19. आराम हराम है.

 ➺ जवाहरलाल नेहरू 


20. स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है.

 ➺ बाल गंगाधर तिलक 


21. सरफरोशी की तम्मना अब हमारे दिल में है 

 ➺ रामप्रसाद बिस्मिल 


22. इंकलाब जिंदाबाद

 ➺ भगत सिंह 


23. मारो फिरंगी को 

 ➺ मंगल पांडे 


24. हे राम 

 ➺ महात्मा गांधी 


25. विजय विश्व तिरंगा प्यारा

 ➺श्यामलाल गुप्ता पार्षद

महत्त्वपूर्ण सूचकांक...

✓ मानव विकास रिपोर्ट, 2025

   • शीर्ष - आइसलैंड 

   • अंतिम - दक्षिण सूडान

   • भारत - 130 वें स्थान पर (0.685)


✓ विश्व खुशहाली सूचकांक, 2025

   • शीर्ष - फिनलैंड

   • भारत - 118 वें स्थान पर


✓ विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक, 2025

   • शीर्ष - नार्वे

   • भारत - 151 वें स्थान पर (32.96)


✓ फ्री स्पीच इंडेक्स में भारत 24 वें स्थान पर 


✓ विश्व शांति सूचकांक, 2025

   • शीर्ष - आइसलैंड

   • भारत - 115 वें स्थान पर (2.229 स्कोर)


✓ भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक, 2025

    • शीर्ष - डेनमार्क

    • अंतिम - दक्षिण सूडान 

    • भारत - 96 वें स्थान पर (38 स्कोर)


✓ जलवायु जोखिम सूचकांक

    • भारत वर्ष 1993 से 2022 की अवधि में सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में 6 वें स्थान पर।


✓ ग्लोबल फायर पॉवर इंडेक्स, 2025

    1. अमेरिका

    2. रूस 

    3. चीन

    4. भारत (0.1184 स्कोर)


✓ भारत विश्व का 5 वा सबसे प्रदूषित देश

    1. चाड 

    2. बांग्लादेश

    3. पाकिस्तान

    4. कांगो

    5. भारत

  • सबसे प्रदूषित शहर - बनीहाट (मेघालय)

  • सर्वाधिक प्रदूषित राजधानी - दिल्ली

  • राजस्थान के सबसे प्रदूषित शहर

     ✓ गंगानगर

      ✓ भिवाड़ी

      ✓ हनुमानगढ़ 


✓ वैश्विक ऊर्जा संक्रमण सूचकांक, 2025

    • भारत 53.3 स्कोर के साथ 71 वें स्थान पर।


✓ वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक, 2025

   • जारी - नीति आयोग

   • शीर्ष - ओडिशा

   • राजस्थान - 12 वें स्थान पर (पार्फोर्मर श्रेणी)


✓ सिंगापुर हवाई अड्डा विश्व का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा घोषित

   • दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा - 32 वें स्थान पर


✓ विश्व धार्मिक जनसंख्या रिपोर्ट, 2025

    • विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समूह - ईसाई

    • सर्वाधिक वृद्धि - मुस्लिम समुदाय में


✓ सतत विकास रिपोर्ट, 2025

    • भारत 67 स्कोर के साथ 99 वें स्थान पर


✓ पंचायत उन्नति सूचकांक

    • गुजरात 346 उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों के साथ प्रथम स्थान पर


✓ पंचायत अंतरण सूचकांक

   • प्रथम - कर्नाटक

   • राजस्थान - 8 वें स्थान पर (56.67 स्कोर)

खेल और खिलाडियों की संख्या | 𝗡𝘂𝗺𝗯𝗲𝗿 𝗼𝗳 𝗣𝗹𝗮𝘆𝗲𝗿𝘀 𝗶𝗻 𝗚𝗮𝗺𝗲...

1. नेटबॉल (𝐍𝐞𝐭𝐛𝐚𝐥𝐥) - 𝟕


2. बॉक्सिंग (𝐁𝐨𝐱𝐢𝐧𝐠) - 𝟐


3. वाटरपोलो ( 𝐖𝐚𝐭𝐞𝐫 𝐏𝐨𝐥𝐨) - 𝟕


4. कबड्डडी (𝐊𝐚𝐛𝐚𝐝𝐝𝐢) -  𝟕


5. कैरम (𝐂𝐚𝐫𝐫𝐨𝐦) - 𝟒 


6. क्रिकेट (𝐂𝐫𝐢𝐜𝐤𝐞𝐭) - 𝟏𝟏 


7. खो-खो (𝐊𝐡𝐨-𝐊𝐡𝐨) - 𝟗


8. जिमनास्टिक (𝐆𝐲𝐦𝐧𝐚𝐬𝐭𝐢𝐜𝐬) -  𝟖


9. टेनिस (𝐓𝐞𝐧𝐧𝐢𝐬) - 𝟐


10. पोलो (𝐏𝐨𝐥𝐨) -  𝟒


11. फुटबाल ( 𝐅𝐨𝐨𝐭𝐛𝐚𝐥𝐥) - 𝟏𝟏 


12. बेसबॉल (𝐁𝐚𝐬𝐞𝐛𝐚𝐥𝐥) -  𝟗


13. बैडमिंटन (𝐁𝐚𝐝𝐦𝐢𝐧𝐭𝐨𝐧) -  𝟐


14. बॉस्‍केट बॉल (𝐁𝐚𝐬𝐤𝐞𝐭𝐛𝐚𝐥𝐥) - 𝟓 


15. रग्‍बी फुटबॉल (𝐑𝐮𝐠𝐛𝐲 𝐅𝐨𝐨𝐭𝐛𝐚𝐥𝐥) - 𝟏𝟓 


16. शतरंज (𝐂𝐡𝐞𝐬𝐬) -  𝟏


17. हॉकी (𝐇𝐨𝐜𝐤𝐞𝐲) -  𝟏𝟏


18. वॉलीबॉल ( 𝐕𝐨𝐥𝐥𝐞𝐲𝐛𝐚𝐥𝐥 ) - 𝟔

Friday, 1 August 2025

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक...

 📜 01 अगस्त 📜


🌹 लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक // पुण्यतिथि 🌹


जन्म : 23 जुलाई 1856

मृत्यु : 01 अगस्त 1920


भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में अग्रणी रहे बाल गंगाधर तिलक का जन्म महाराष्ट्र के रत्नागिरि के चिक्कन गांव में 23 जुलाई 1856 को जन्‍म हुआ था। उनके पिता गंगाधर रामचंद्र तिलक एक धर्मनिष्ठ ब्राह्मण थे। 


बाल गंगाधर तिलक बचपन से बहुत परिश्रमी थे तथा उनके इसी परिश्रम के बल पर स्कूल के मेधावी छात्रों में की गिनती होती थी। वे पढ़ने के साथ-साथ प्रतिदिन नियमित रूप से व्यायाम भी करते थे। अतः वे शरीर स्वस्थ और पुष्ट थे। उन्होंने सन्‌ 1879 में बीए तथा कानून की परीक्षा उत्तीर्ण की। उनके परिवार वाले और मित्र-संबंधी यही आशा कर रहे थे कि तिलक वकालत करके खूब धन कमाएंगे और वंश के गौरव को बढ़ाएंगे, परंतु तिलक ने प्रारंभ से ही जनता की सेवा का व्रत धारण कर लिया था। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने अपनी सेवाएं पूर्ण रूप से एक शिक्षण संस्था के निर्माण को दे दीं। सन्‌ 1880 में न्यू इंग्लिश स्कूल और कुछ साल बाद फर्ग्युसन कॉलेज की स्थापना की। 


जब तिलक जी ने वकालत पास की, तो उनके मित्रों सरकारी नौकरी अथवा वकालत के बारे में चर्चा की तो वे बोले- 'मैं पैसे का लोभी नहीं हूं। पैसे के लिए मैं सरकार का गुलाम बनना पसंद नहीं करता। रही वकालत की बात, तो मुझे यह पेशा भी पसंद नहीं। मैं तो 'सा विद्या या विमुक्तये' यानी 'विद्या वह जो मुक्ति देवे' इस सूक्ति को मानता हूं। जो विद्या मनुष्य को असत्याचरण की ओर प्रवृत्त करती है, उसे मैं विद्या ही नहीं मानता।' 


मित्र चुप रहे, किंतु कुछ दिनों पश्चात जब उन्हें पता चला कि तिलक जी 30 रुपए मासिक वेतन पर प्राथमिक शाला के विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं, तो उन्हें बड़ा ही आश्चर्य हुआ। उनके एक घनिष्ठ मित्र से न रहा गया और वह बोला- आखिर तुमने गुरुजी का पेशा ही क्यों चुना? तुम भलीभांति जानते हो कि आजकल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति कैसी है? अरे, तुम जब मरोगे, तो दाह-संस्कार के लिए, तुम्हारे घर में लकड़ियां तक न मिलेंगी।'


इस बात पर तिलक जी ने हंस कर जवाब दिया- 'मेरे दाह-संस्कार की चिंता मैं क्यों करूं, हमारी नगरपालिका क्यों बनी हुई है? मेरी चिंता उसे होगी वही सामग्री जुटाएगी और उससे मेरी चिता जलेगी।' उनकी बात यह सुनते ही मित्र अवाक् रह गया।


भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वे पहले लोकप्रिय नेता थे। उन्होंने सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। लोकमान्य तिलक ने जनजागृति कार्यक्रम पूरा करने के लिए महाराष्ट्र में गणेश उत्सव तथा शिवाजी उत्सव सप्ताह भर मनाना प्रारंभ किया। इन त्योहारों के माध्यम से जनता में देशप्रेम और अंग्रेजों के अन्यायों के विरुद्ध संघर्ष का साहस भरा गया। सच्चे जननायक तिलक को लोगों ने आदर से लोकमान्य की पदवी दी थी। 

 

लोकमान्य तिलक के क्रांतिकारी कदमों से अंग्रेज बौखला गए और उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाकर 6 साल के लिए 'देश निकाला' का दिया और बर्मा की मांडले जेल भेज दिया गया। इस अवधि में तिलक ने गीता का अध्ययन किया और 'गीता रहस्य' नामक भाष्य भी लिखा। तिलक के जेल से छूटने के बाद जब उनका 'गीता रहस्य' प्रकाशित हुआ तो उसका प्रचार-प्रसार आंधी-तूफान की तरह बढ़ा और जनमानस उससे अत्यधिक आंदोलित हुआ। 

 

उन्होंने मराठी में 'मराठा दर्पण' व 'केसरी' नाम से दो दैनिक समाचार पत्र शुरू किए, जो जनता में काफी लोकप्रिय हुए। जिसमें तिलक ने अंग्रेजी शासन की क्रूरता और भारतीय संस्कृति के प्रति हीनभावना की बहुत आलोचना की। ऐसे वीर तथा जनता के बीच लोकप्रिय स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक का निधन 1 अगस्त 1920 को मुंबई में हुआ था। तिलक सही मायने में हिन्दुस्तान के एक प्रमुख नेता, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी थे।

🖼अनेक शब्दों के लिए एक शब्द 🖼...

 1. जिसके आने की तिथि ज्ञात न हो – अतिथि 2. जिसका जन्म बाद/पीछे हुआ हो – अनुज 3. वह हथियार जो फेंककर चलाया जाय – अस्त्र 4. जो अर्थशास्त्र का...